Rashtriya Arya Nirmatri Sabha- A brief History
प्रथम अधिवेशन: राष्ट्रीय आर्य निर्मात्री सभा की परिकल्पना संवत २०६० में गुरुकुल Tatesar-जोंति दिल्ली में की गई| दिसंबर २००३ में आर्य समाज के मूर्धन्य विद्वान आचार्य परमदेव मीमांसक जी के आह्वान पर दिल्ली में आर्यों, आर्य विद्वानों, आचार्यों, सन्यासियों का सप्त दिवसीय अधिवेशन हुआ| जिसमें आर्य समाज की वर्तमान स्थिति पर व्यापक चर्चा हुई| अधिवेशन में आर्य प्रचार-प्रसार को गति देने का निर्णय हुआ| जन जन तक, विशेषकर युवाओं को आर्य विद्या से औत प्रोत करने का निर्णय लिया गया| अधिवेशन में युवाओं के लिए आर्य प्रशिक्षण शिविरों के आयोजन की महता पर बल देते हुए आचार्य परमदेव मीमांसक जी ने पाठ्यक्रम तैयार करने का उत्तरदायित्व स्वयं अपने कन्धों पर ले लिया एवं सभी आर्यों, आचार्यों, विद्वानों, सन्यासियों ने इस अभियान को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया| detail http://aryanirmatrisabha.com/ विशेष बैठक और फिर: आर्य केंद्रीय सभा, करनाल के प्रधान आर्य लोकनाथ जी के निवास पर एक विशेष बैठक का आयोजन हुआ, जिसमे आर्य लोकनाथ जी ने स्वयं को आर्य प्रचार-प्रसार अभियान हेतु समर्पित कर दिया| इसके बा...